Notes of Hp Police, All Subjects मुहावरे और कहावte - Study Material
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७), , मुहावरे और कहावतें, , प्रा की सम्रद्ि और उसकी अभिव्यक्तित क्षमता के विकास हेत मुहावर्रों एवं कहाब्तों का प्रयोग उपयोगी होता है। भाषा में, इतके प्रयोग से सजीबता और प्रवाहमयता आ जाती है, फलस्वरूप पाठक या श्रोता शीघ्र हीं प्रभावित हो जाता है। जिस भाषा, में इकका जितना अधिक प्रयोग होगा, उसकी अभिव्यक्तित क्षमता उतनी ही प्रभावपूर्ण व रोचक होगी।, , मुहावरा, , मुहाज॒रा' शब्द अरबों भाषा का है--जिसका अर्थ है 'अध्यास होना' या “आदी, , , , , , , होना । इस प्रकार मुहावरा शब्द अपने-आप में स्वयं मुहावरा है, क्योंकि यह अपने, सामान्य अर्थ को छोड़कर असामान्य अर्थ प्रकट करता है। वाक्यांश शब्द से स्पष्ट, है, , क्रि मुहाबरा संक्षिप्त होता है, परन्तु अपने इस संक्षिप्त रूप में ही किसी बड़े, विचार या भाव को प्रकट करता है।, , , , उद्ाहरणार्थ एक मुहावरा है “काठ का उल्लू'। इसका अर्थ यह नहीं कि लकड़ी, का उल्लू बना दिया गया है, अपितु इससे यह अर्थ निकलता है कि जो उल्लू, (मूर्ख) काठ का है, वह हमारे किस काम का, उसमें सजीवता तो है ही नहीं। इस, प्रकार हम इसका अर्थ लेते हैं- “महामूर्ख” से।, , हिन्दी के महत्त्वपूर्ण मुहावरे, उनके अर्थ और प्रयोग, (अआ), , 1. अंक में समेटना--( गोद में लेना, आलिंगनबद्ध करना), शिशु को रोता हुआ देखकर माँ का हृदय करुणा से भर आया और उसने, उसे अंक में समेटकर चुप किया।, , 2. अंकुश लगाना--! पाबन्दी या रोक लगाना) है, राजेश खर्चीला लड़का था। अब उसके पिता ने उसका जेब खर्च बन्द, करके फ़िजूलखर्ची पर अंकुश लगा दिया है।, , 3. अंग बन जाना--( सदस्य बनना या हो जाना), घर के नौकर रामू से अनेक बार भेंट होने के पश्चात् एक अतिथि ने कहा,, हैः # इस घर में नौकरी करते हुए काफी दित हो गए हैं, ऐसा लगता, कि जैसे तुम भी इस घर के अंग बन गए हो।!, , 4, अंग-अंग ढीला होना-- (बहुत थक जाना)., , करते करते, आज आअंग-अंग ढीला ही गया है।, , , , , , , , , , , , , सारा दिन काम, 5. अण्डा सेना--( घर में बैठकर अपना समय नष्ट करना), निकम्मे ओमदत की पतली ने उसे घर में पड़े देखकर एक दिन कह ही, , दिया, “यहां लेटे-लेटे अण्डे सेते रहोगे या कुछ कमाओगे भी।”, 6. अंगूठटा दिखाना--(इनकार करना) “०, आज हम हरोश के घर १10 माँगने गए, तो उसने अंगूठा दिखा दिया।, 7. अच्चे की लकड़ी--( एक मात्र सहारा) रे, राकेश अपने माँ-बाप के लिए अन्धे को लकड़ी के समान है।, 8. अच्चे के हाथ बटेर लगना--(अनायास ही मिलना), राजेश हाईस्कूल परीक्षा में प्रथण आया, उसके लिए तो अन्धे के हाथ बटेर, लग गई।, , 10., , व,, , 12., , 13., , 14,, , 15., , 16., , 17, , 18., , 19., , 20., , अन्न-जल उठना--(अस्थान करना, एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले, , जाना) हे, रिटायर होने पर प्रोफेसर साहब ने कहा, “लगता है बच्चा, अब तो यहाँ से, , हमारा अन्न-जल उठ ही गया है; हमें अपने गाँव जाना घड़ेगा।, , अक्ल के अच्चे--( मूर्ख, बुद्धिहीन) हि, , “सुधीर साइन्स (साइड) के विषयों में अच्छी पढ़ाई कर रहा था, मगर उस, अक्ल के अच्धे ने इतनी अच्छो साइड क्यों बदल दी ?” सुधीर के एक, मित्र ते उसके बड़े भाई से पूछा।, , अक्ल पर पत्थर पड़ना-- ( कुछ समझ में न आना), , मेरी अक्ल पर पत्थर पड़ गए हैं, कुछ समझ में नहीं आता कि मैं क्या, करूँ। कै, , अक्ल के पीछे लट॒ठ लिए फिरना--( मूर्खतापूर्ण कार्य करना), , तुम हमेशा अक्ल के पीछे लट॒ठ लिए क्यों फिरते हो, कुछ समझ -बुझकर, काम किया करो।, , अक्ल का अंधा /अक्ल का दुश्मन होना--( महामूर्ख होना, राजू से साथ देने की आशा मत रखना, वह तो अक्ल का अंथा है।, , अपनी खिचड़ी अलग पकाना--(अलग-थलग रहना, किसी की न, मानना), , सुनीता की पड़ोसनों ने उसको अपने पास न बैठता देखकर कहा, “सुनीता, तो अपनी खिचड़ी अलग पकाती है, यह चार औरतों में नहीं बैठती।'', अपना उल्लू सीधा करना--( स्वार्थ सिद्ध करता), , आजकल के नेता सिर्फ अपना उल्लू सीधा करते हैं।, , अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना--( आत्मप्रशंसा करना) राजू अपने मुँह, मियाँ मिट्दू बनता रहता है।, , अक्ल के घोड़े दौड़ाना--( केवल कल्पनाएँ करते रहना), , सफलता अक्ल के घोड़े दौड़ाने से नहीं, अपितु परिश्रम से प्राप्त होती है।, अँधेरे घर का उजाला--( इकलौता बेटा), , मयंक अँधेरे घर का उजाला है।, , अपना सा मुँह लेकर रह जाना--( लज्जित होना), , विजय परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने पर अपना-सा मुँह लेकर रह, गया।, , अरण्य रोदन--( व्यर्थ प्रयास), , कंजूस व्यक्ति से घन की याचना करना अरण्य रोदन है।
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छि, , 6, , 63., , 64., , 65., , 66., , 13., , 14., , 78., , फ््, , 78., , 19., , 80., , 81., , _76: आँखों में धूल डालना:, , .. आँखें फेरना--( उपेक्षा करना), , आँखें मूँदना--( मर जाना), आजकल तो बाप के आँखें मूँदते ही बेटे जायदाद, खा टे जायदा, लो कॉलानी बलता-- निण गत दे का बँटबारा कर लेते हैं।, , अब तो तुम किसी को नहीं लगता आँखों, का सुनते, लगता है, तुम्हारी आँखों का पानी ढल, , आँख का काँटा-- ( बुरा होना), , मनोज मुझे अपनी आँख का काँटा, हो समझता मैने, बुरा नहीं किया। झता है, जबकि मैंने कभी उसका, , आँख में खटकना--( बुरा लगना), , स्पष्टबादी व्यक्ति अधिकतर लोगों की आँखों में खटकता है।, आँख का उजाला---( अति प्रिय व्यक्ति), , राज अपने माता-पिता की आँखों का उजाला है।, , आँख मारना -- ( इशारा करना, रमेश ने सुरेश को कल गत वाली बात न बताने के लिए आँख मारी।, , , , ,. आँखों पर परदा पड़ना--( धोखा होना), , शर्मा जो ने सच्चाई बताकर, मेरी आँखों से परदा हटा दिया।, , . आँखें बिछाना--( स्वागत, सम्मान करना), , रामचन्द्र जी की अयोध्या वापसी पर अयोध्यावासियों ने उनके स्वागत में, आँखें बिछा दीं।, , --( धोखा देना), सुभाषचन्द्र बोस अंग्रेज़ों को आँखों में घूल डालकर, अपने आवास से, निकलकर विदेश पहुँच गए।, , , , 2 आँख में घर करना--( हृदय में बसना), , विभा की छवि राज को आँखों में घर कर गई।, , ,. आँख लगाना-- (बुरी अथवा लालचभरी दृष्टि से देखना), , चीन अब भी भारत की सोमाओं पर आँख लगाये हुए हैं।, आँखें ठण्डी करना--(प्रिय-वस्तु को देखकर सुख प्रात करना), योते को वर्षों बाद देखकर बाबा की आँखें ठण्डी हो गई।, आँखें फाड़कर देखना--( आश्चर्य से देखना), ऐसे आँखें फाड़कर क्या देख रही हो, पहली बार मिली हो क्या?, , आँखें चार करना-- ( आमना-सामना करना) हा, एक दिन अचानक केशव से आँखें चार हुईं और मित्रता हो गई।, जैसे ही मेरी उच्च पद प्राप्त करने की सम्भावनाएँ क्षीण हुईं, सबने मुझसे, आँखें फेर लीं। रे, , आँख भरकर देखना--(इच्छा भर देखना) के, , जी चाहता है तुम्हें आँख भरकर देख लूँ, फिर न जाने कब मिलें।, , आँख खिल उठना-- (असन्न हो जान, पिता जी ने जैसे ही अपने छोटे से बच्च को देखा,, खिल उडी।, , आँख चुराना--( कतराना कै है ु, जब से विजय ने अजय से उधार लिया है, वह आँख चुराने लगा पी, आँख का काजल चुराना--(सामने से देखते-देखते माल, , ॥, वैसे ही उनकी आँख, , कर देना) ेु रु, विवेक के देखते ही देखते उसका सामान गायब हो गया; जैसे किसी ने, उसकी आँख का काजल चुरा लिया हो।, , निकलना--(विस्मय होना) ५, अप समान देखकर गोधन की आँख निकल आई।, , अपने खेत में छिपा खजाना, , 82., , 83., , 84., , 86., , 87., , 89., , 90., , 9., , 92., , 93., , 94., , 95., , 96., , था, , 98., , 99., , 100., , 101., , आँख मैली करना--(दिखावे के लिए रोना/बुरी तजर से देखना), , अरुण ने अपने घनिष्ठ मित्र की मृत्यु पर भी केवल अपनी आँखें ही मैली, कीं।, , आँखों में धूल झोंकना--( घोखा देना), , कुछ डकैत पुलिस की आँखों में घुल झोककर मुठभेड़ से बचकर तिकल, गए।, , आँखें दिखाना--(डराने-धमकाने के लिए रोष भरी दृष्टि से देखना), रामपाल ने अपने ढीठ बेटे को जब तक आँखें न दिखायीं, तब तक डसने, उनका कहना नहीं माना।, , , आँखें तरेरना--(क्रोध से देखना), , पैसे न हो तो पत्नी भी आँखें तरेरती है।, , आँखों का तारा--( अत्यन्त प्रिय), , इकलौता बेटा अपने माँ-बाप की आँखों का तारा होता है।, आटा गीला होना--( कठिनाई में पड़ता), सुबोध को एक के पश्चात् दूसरी मुसीबत घेर, उसका आटा गीला हो गया।, , ऑँचल में बाँधना--( ध्यान में रखना), चति-पत्ली को एक-दूसरे पर विश्वास करना चाहिए, यह बात आँचल में, बाँध लेनी चाहिए।, , आकाश में उड़ना--( कल्पना क्षेत्र में घूमना), , बिना धन के कोई व्यापार करना आकाश में उड़ना है।, , आकाश-पाताल एक करना--( कठिन परिश्रम करना), , मैं व्यवस्था को बदलने के लिए आकाश-पाताल एक कर दूँगा।, आकाश-कुसुम होना--( दुर्लभ होना), , किसी सामान्य व्यक्ति के लिए विधायक का पद आकाश-कुसुम हो गया, है।, , आसमान सिर पर उठाना--( उपद्रव मचाना), , शिक्षक की अनुपस्थिति में छात्रों ने आसमान सिर पर उठा लिया।, , आगा पीछा करना--( हिचकिदाना ), , सेठ जी किसी शुभ कार्य हेतु चन्दा देने के लिए आगा पीछा कर रहे हैं।, आकाश से बातें करना --(काफी ऊँचा होना), , दिल्ली में आकाश से बातें करती बहुत-सी इमारतें हैं।, , आवाज़ उठाना--( विरोध में कहना), , वर्तमान व्यवस्था के विरोध में मीडिया में आवाज़ उठने लगी है।, आसमान से तारे तोड़ना--( असम्भव काम करना), , अपनी सामर्थ्य समझे बिना ईश्वर को चुनौती देकर तुम आकाश से तारे, तोड़ना चाहते हो?, , आस्तीन का साँप--( विश्वासघाती मित्र), , राज ने निर्भय की बहुत सहायता की लेकिन वह तो आस्तीन का साँप, निकला।, , आठ-आठ आँसू रोना--( बहुत पश्चात्ताप करना), , दसवीं कक्षा में पुनः अनुत्तीर्ण होकर रमेश ने आठ-आठ आँसू रोये थे।, आसन डोलना--(विचलित होना), , विश्वामित्र की तपस्या से इन्द्र का आसन डोल गया।, , आग-पानी साथ रखना--( असम्भव कार्य करता), , अहिंसा द्वारा भारत में क्रान्ति लाकर गाँधीजी ने आग-पानी साथ रख दिया।, आधी जान सूखना--( अत्यन्त भय लगना), , घर में चोरों को देखकर लालाजी को आधी जान सूख गई।, , लेती है, आर्थिक तंगी में
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102. आपे से बाहर होना--( क्रोध से अपने वश में न रहना), फ़िरोज़ खिलजी ने आपे से बाहर होकर फ़कीर को मरवा दिया।, 103. आग लगाकर तमाशा देखना--( लड़ाई कराकर प्रसन्न होना), हमारे मुहल्ले के संजीव का कार्य तो आग लगाकर तमाशा देखना है।, 104. आगे का पैर पीछे पड़ना--( तिपरीत गति या दशा में पड़ना), सुरेश के दिन अभी अच्छे नहीं हैं, अब भी आगे का पैर पीछे पड़ रहा है।, 105. आटे दाल की फ़िक्र होना--( जीविका की चिन्ता होता), पढ़ाई समाप्त होते ही तुम्हें आटे दाल की फ़िक्र होने लगी है।, 106. आधा तीतर आधा बटेर--( बेमेल चौजो का सम्मिश्रण), सुधीर अपनी दुकान पर किताबों के साथ साज- श्रृंगार का सामान बेचना, चाहता है। अनिल ने उसे समझाया आधा तीतर आधा बटेर बेचने से बिक्री, कम रहेगी।, , 107. आग लगने पर कुआँ खोदना--( पहले से कोई उपाय न करना), शर्मा जी ने मकान की दीवारें खड़ी करा लीं, लेकिन जब लैन्टर डलने का, समय आया, तो उधार लेने कौ बात करने लगे। इस पर मिस्त्री, झल्लाया--शर्मा जी आप तो आग लगने पर कुआँ खोदने वाली बात कर, रहे हो।, , 108. आब देखा न ताब--( बिना सोचे-विचारे ), शशक्षक ने आव देखा न ताव और छात्र को पीटना शुरू कर दिया।, , 109. आँखों में खून उतरना--( अत्यधिक क्रोधित होना) अंक, आतंकवादियों को हरकत देखकर पुलिस आयुक्त की आँखों में खून उतर, आया था।, , 110. आग बबूला होना--( अत्यधिक क्रोधित होना), कई बार मना करने पर भी जब दिनेश नहीं माना, तो उसके चाचा जी उस, पर आग बबूला हो उठे।, , 111. आसमान से गिरकर खजूर के पेड़ पर अटकना--(उत्तम स्थान को, त्यागकर ऐसे स्थान पर जाना जो अपेक्षाकृत अधिक कष्टप्रद हो), बैंक की नौकरी छोड़ने के बाद किराना स्टोर करने पर दयाशंकर को ऐसा, लगा कि वह आसमान से गिरकर खजूर के पेड़ पर अटक गया है।, , 112. आप मरे जग प्रलय--( मृत्यु उपरान्त मनुष्य का सब कुछ छूट जाना), रामदीन मृत्यु शैय्या पर पड़ा अपने बेटों के कारोबार के बारें में रह-रह, पूछ रहा था। उसके पास एकत्र मित्रों में से एक ने दूसरे से कहा, “आप, मरे जग प्रलय, रामदीन को बेटों के कारोबार की चिन्ता अब भी सता, रही है।”', , 113. आसमान दृटना--(विपत्ति आना), भाई और भतीजे की हत्या का समाचार सुनकर, मुख्यमन्त्री जी पर, आसमान दूट पड़ा।, , 114. आटे दाल का भाव मालूम होना--( वास्तविकता का पता चलना), अभी माँ-बाप की कमाई पर मौज कर लो, खुद कमाओगे तो आटे दाल, का भाव मालूम हो जाएगा।, , 115. आड़े हाथों लेना--( खरी -खोर्टी सुनाना), बीरेन्द्र ने सुरेश को आड़े हाथों लिया।, , (३), 116. इधर-उधर की हाँकना--( अप्रासंगिक बातें करना), आजकल कुछ नवयुवक इधर-उधर की हांकते रहते हैं।, 117, इज़्ज़त उतारना--( सम्मान को ठेस पहुंचाना), दीनानाथ से बीच बाज़ार मे जब श्यामलाल ने ऊँचे स्वर में कर्ज़ वसूली की, बात की तो दीनानाथ ने श्यामलाल से कहा, “सरेआम इज़्ज़त मत उतारो, आज शाम घर आकर अपने रुपए ले जाना।'' हु, , भरी करना--( कर्तव्य पूरा करना/सुखद अन्त होना), , * अपनी दोनों कन्याओं की शादी करके रामसिंह ने अपने कर्त्तव्य की इतिग्री, , कर ली।, , , इशारों पर नाचना-- ( गुलाम बनकर रह जाना), , बहुत से व्यक्ति अपनी पत्नी के इशारों पर नाचते हैं।, , इधर की उधर करना--( चुगली करके भड़काना), , मनोज की इधर की उधर करने की आदत है, इसलिए उस पर विश्वास पत, करना।, , , इन्द्र की परी--( अत्यन्त सुन्दर स्त्री), , राजेन्द्र की पत्नी तो इन्द्र की परी लगती है।, , .. इन तिलों में तेल नहीं--( किसी भी लाभ की आशा न करता), , कपिल ने कारखाने को देख सोच लिया इन तिलों में तेल नहीं और बैंक से, ऋण लेकर बहन का विवाह किया।, , (ई), , .. ईंट से ईंट बजाना--(नष्ट- भ्रष्ट कर देना), , असामाजिक तत्त्व रात-दिन ईंट से ईंट बजाने की सोचा करते हैं।, , . ईंट का जवाब पत्थर से देना--(दुष्ट के साथ दुष्टता करना), , दुश्मन को सदैव ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए।, , , ईद का चाँद होना--(बहुत दिनों बाद दिखाई देना), , रमेश आप तो ईद का चाँद हो गए, एक वर्ष बाद दिखाई दिए।, , .. ईंट-ईंट बिक जाना--(सर्वस्त्र नष्ट हो जाना), , “चाचाजी का व्यापार फ़ेल हो गया और उनकी ईंट-ईंट बिक गई।', , . ईमान देना/बेचना--( झूठ बोलना अथवा अपने धर्म, सिद्धान्त आदि के, , विरुद्ध आचरण करना), इस महंगाई के दौर में लोग अपना ईमान बेचने से भी नहीं डर रहे हैं।, , (उ), , ..उँगली उठाना--(इशारा करना, आलोचना करना।), , सच्चे और ईमानदार व्यक्ति पर उँगली उठाना व्यर्थ है।, , 29. उँगली पर नचाना--( वश में रखना), , श्रीकृष्ण गोपियों को अपनी उँगली पर नचाते थे।।, , 30. उड़ती चिड़िया पहचानना--( दूरदर्शी होना), , हमसे चाल मत चलो, हम भी उड़ती चिड़िया पहचानते हैं।, , - डँगलियों पर गिनने योग्य--( संख्या में न्यूनतम/बहुत थोड़े), , भारत की सेना में उस समय उँगलियों पर गिनने योग्य ही सैनिक थे, जब, उन्होंने पाकिस्तानी सेना के छक्के छूड़ा दिए थे।, , '. उजाला करना--( कुल का नाम रोशन करना ), , आई. ए. एस. परीक्षा में उत्तीर्ण होकर बृजलाल ने अपने कुल में उजाला, कर दिया।, , . उल्लू बोलना--(उजाड़ होना), , पुराने शानदार महलों के खण्डहरों में आज उल्लू बोलते हैं।, , - उल्टी गंगा बहाना--( नियम के विरुद्ध कार्य करना), , ला और दस्तकारी का सामान निर्यात करता है, फिर भी कुछ लोग, विदेशों से कला व दस्तकारी का सामान मँगवाकर उल्टी गंगा बहाते हैं, , - उल्टी खोपड़ी होना--( ऐसा व्यक्ति जो उचित ढंग के विपरीत आचरण, , करता हो), , “चौधरी साहब, आपका छोटा बेटा बिल्कुल उल्टी खोपड़ी का हैं, ऑर्ज, फिर वह गाँव में उपद्रव मचा आया।” वृद्ध ने चौधरी को बताया।
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136., , 181., , 138,, , 139., , 140., , व41,, , 142., , 143., , 144., , 146., , 147., , 148., , 149,, , 180., , 151., , उल्टे छूरे से मँडना--( किसी को, काम निकालना) मूर्ख बनाकर उससे घन ऐंठना या अपना, यह पुरोहित यजमानों को उल्टे छरे से मूँडने मे झ, , उँगली पकड़ते ही पहुँचा कक, प्राप्ति हेतु उत्साहित होना) पकड़ना--( अल्प सहारा पाकर सम्पूर्ण की, , भरा का मुफ़्त में रहने के लिए., समय बाद वह ? को साथ ले आया और चार ब्ो का, आग्रह करने लगा। इस पर जब्त दी, , रामचन्द्र ने तुम तो ऊँ, पहुँचा पकड़ने की बात कर रहे हो। तो उँगलो पकड़ते ही, , उन्नीस बीस होना--( दो वस्तुओं में थोड़ा, दोनों ड़ा बहुत अन्तर, दुकानदार ने बताया कि दोनों कपड़ों में उन्नीस बीस का शक है।, उल्टी पदटी पढ़ाना-- ( बहकाना ), तुम मैच खेल रहे थे और मुझे उल्टी पट्टी पढ़ा रहे हो कि, और मैं स्कूल से दोस्त के घर चला गया था। कक लत, उड़न छू होना--( गायब हो जाना), रीता अभी तो यहीं थी, मिनटों में कहाँ उड़न छू हो गई।, उबल पड़ना--( एकदम गुस्सा हो जाना), सक्सेना साहब तो थोड़ी -सी बात पर ही डबल पड़ते हैं।, उल्टी माला फेरना--( अहित सोचना), अपने दोस्त के नाम की उल्टी माला फेरना चुरी बात है।, उखाड़ पछाड़ करना--( जरुटियों दिखाकर कदूक्तियाँ करना), उखाड़ पछाड़ करने में ही तुम निषुण हो, लेकिन जुटियाँ दूर करना तुम्हारे, वश की बात नहीं है।, उम्र का पैमाना भर जाना--( जीवन का अन्त नज़दीक आना), वह अब बूढ़ा हो गया है, उसकी उम्र का पैमाना भर गया।, , 5. उरद के आटे की तरह ऐंठना-- (क्रोध करना), , आप बहल पर उरद के आटे की तरह ऐंठ रहे हो, उसका कोई दोष नहीं है।, , (ऊ), ऊँचे नीचे पैर पड़ना-- ( बुरे काम में फैंसना) हि, अनुज में बहुत-सी गन्दी आदतें आ गई हैं, उसके पैर ऊँचे-नीचे पड़ने, लगे हैं।, ऊँट की चोरी झुके-झुके--( किसी निन्दित, किन्तु बड़े कार्य को गुप्त, , ढंग से करने की चेष्टा करना) है, हमारे नेताओं ने घोटाला करने की चेष्टा करके उँट की चोरी झुके-झुके, , को सिद्ध कर दिया है। तन, ऊँट का सुई की नॉंक से निकलना--(असम्भव होना), , पूँजीबादी व्यवस्था में आम जनता का जीवन सुधरना ऊँट का सुई की नोंक, से निकलना है। ५, ऊधौ का लेना न माधौ का देना--(किसी से किसी प्रकार का सम्बन्ध, रखना), , वह बेचारा दीन-दुनिया से इतना, “ऊधो का लेना, न माधौ का देना, , (९), , एक ही लकड़ी से हाँकना--( अच्छे-बुरे की पहचान कहता, कुछ अधिकारी सभी कर्मचारियों को एक ही लक ्, एक ही थैली के चदटे-बद्टे होना--(सभी का एक जैसा होना), आजकल के सभी नेता एक ही थैली के चट्टे-बटटे हैं।, , तंग आ गया है कि अब वह सबके साथ, / की तरह का व्यवहार करने लगा है।, , _हचान न करना) न, डी से हाँकते हैं।, , 162. एड़ियाँ घिसना / रगड़ना--( सिफ़ारिश के लिए चक्कर लगाना), इस दौर में अच्छे पढ़े-लिखे लोगों को भी नौकरी ढूँढने के लिए एड़ियाँ, घिसनी पड़ती हैं।, , 153. एक म्यान में दो तलबारें--(एक वस्तु या पद पर दो शक्तिशाली, व्यक्तियो का अधिकार नहीं हो सकता), विद्यालय की प्रबन्ध-समिति ने दो-दो प्रधानाचार्यों की नियुक्ति करके एक, म्यान में दो तलवारों वाली बात कर दी है।, , 184. एक ढेले से दो शिकार--( एक कार्य से दो उद्देश्यों की पूर्ति करना), पुलिस दल ने बदमाशों को मारकर एक ढेले से दो शिकार किए। उन्हें, पदोन्नति मिली और पुरस्कार भी मिला।, , 155. एक की चार लगाना--( छोटी बातों को बढ़ाकर कहना), रमेश तुम तो अब हर बात में एक की चार लगाते हो।, , 156. एक आँख से देखना--( सबको बराबर समझना), राजा का कर्त्तव्य है कि वह सभी नागरिकों को एक आँख से देखे।, , 157. एड़ी-चोटी का पसीना एक करना--( घोर परिश्रम करना), रिक्शे वाले एड़ी चोटी पसीना एक कर रोजी कमाते हैं।, , 188. एक-एक नस पहचानना--(सब कुछ समझना), मालिक और नौकर एक-दूसरे की एक-एक नस पहचानते हैं।, , 159, एक घाट पानी पीना--( एकता और सहनशीलता होना), राजा कृष्णदेवराय के समय शेर और बकरी एक घाट पानी पीते थे।, , 160. एक पंथ दो काज--( एक कार्य के साथ दूसरा कार्य भी पूरा करना), आगरा में मेरी परीक्षा है, इस बहाने ताजमहल भी देख लेंगे। चलो मेरे तो, एक पंथ दो काज हो जाएँगे।, , 161. एक और एक ग्यारह होते हैं--( संघ में बड़ी शक्ति है), भाइयों को आपस में लड़ना नहीं चाहिए, बयोंकि एक और एक ग्यारह, होते हैं।, , (ऐ), 162. ऐसी-तलैसी करना--( दुर्दशा करना), “भीमा मुझे बचा लो, वरना वह मेरी ऐसी-तैसी कर देगा।”” लल्लूराम ने, भीमा के पास जाकर गुहार की।, 163. ऐबों पर परदा डालना--( अवगुण छुपाना), प्राय: लोग झूठ-सच बोलकर अपने ऐबों पर परदा डाल लेते हैं।, , (ओ), , 164, ओखली में सिर देना--(जानबूझकर अपने को जोखिम में डालना), “अपने से चार गुना ताकतवर व्यक्ति से उलझने का मतलब है, ओखली, में सिर देना, समझे प्यारे।” राजू ने रामू को समझाते हुए कहा।, , 165. ओस पड़ जाना--( लज़्जित होना), ऑस्ट्रेलिया से एक दिवसीय श्रृंखला बुरी तरह हारने से भारतीय टीम पर, ओस पड़ गई।, , ५७८ ओले पड़ना--( विपत्ति आना), देश में पहले भूकम्प आया फिर अनावृष्टि हुई; अब आवृष्टि हो रही है।, सच में अब तो चारों ओर से सिर पर ओले ही पड़ रहे हैं।, , (औ), , 167. औने-पौने करना--( जो कुछ मिले उसे उसी मूल्य पर बेच देना) कक, रखे रखे यह कूलर अब खराब हो गया है, इसको तुरन्त ही औने-पौने में, कबाड़ी के हाथ बेच दो।