Notes of Govt.Iti.Darbha, Copa Scvt Hindi Copa Theory .pdf - Study Material
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इसमें मेमोरी के तौर पर चुम्बकीय टेप एवं पंचकार्ड का, प्रयोग किया जाता था।, , स्तियतत955ञ96कछड द्वितीय पीढ़ी की, , शुरूआत 1956 से 1964 तक मानी जाती है। इस पीढ़ी में, परफश्याडंड0" का प्रयोग किया गया था। जिसका, , विकास श्ाग्रा $70लगठए ने 1947 में किया था।, , इसमें असेम्बली भाषा का प्रयोग किया गया था। इसमें, मेमोरी के तौर पर चुम्बकीय टेप का प्रयोग किया जाने, लगा था।, , पीढ़ी की शुरूआत 1964 से मानी जाती है। इस जनरेशन, में आई सी का प्रयोग किया जाने लगा था। 1८ का पूरा, नाम वाह्ट्ञात्ऑ०्त (0एां। है। 1(! का विकास 1958, में उक एज ने किया था। इसमें 10, पर्णा1ण०९५ ($$7) का प्रयोग किया गया था। $81, का पूरा नाम शाज्ोा। $८ब्व९ प्रा(श्ष्टाश्लांणा है। इसमें, हाई लेविल भाषा का प्रयोग प्रोग्रार्मिम के लिये किया, जाता था। इसमें मेमोरी के तौर पर चुम्बकीय डिस्क का, प्रयोग किया जाने लगा था।, , चौथी चीढ़ीफ कम्प्यूटर की चौथी पीढ़ी की शुरूआत 195, से 1989 तक मानी जाती है। इस जनरेशन में आई सी, की आधुनिक तकनीकी का प्रयोग किया जाने लगा था।, 1 की यह तकनीकी शा,& थी इसका पूरा नाम, जशसए 1,'2९-$८4९ 11(ष्टाध्वांणा हैं। इसमें हाई, लेविल भाषा का प्रयोग प्रोग्रामिंग कि लिये किया जाता, था।, , पांचवीं पीढ़ी :- कम्प्यूटर की पांचवीं पीढ़ी की, , शुरूआत 1989 से मानी जाती है। इस जनरेशन में आई, सी की आधुनिक तकनीकी का प्रयोग किया जाने लगा, था। 10 की यह तकनीकी एा.,$1 थी इसका पूरा नाम, एाब 1,ब्रा2९ 8८41९ पाल्ट्रान्वांणा हैं।, , इसमें हाई लेविल भाषा का प्रयोग प्रोग्रामिंग कि लिये, किया जाता जो अधिक सरल है। इन भाषाओं में ७एा, , प्राशर1९९ का प्रयोग किया जाता है।, , 1. नैनो कम्प्यूटर -नैनो स्तर (10 शा) पर निर्मित, नैनो ट्यूबूस के प्रयोग से अत्यन्त छोटे व, विशाल क्षमता वाले कम्प्यूटर के विकास का, प्रयास किया जा रहा है।, , 2. क्वांटम कम्प्यूटर -यह प्रकाश के क्वांटम, सिद्धान्त पर आधारित है जिसमें आंकड़ों का, संग्रहण और संसाधन क्वांटम कण कहते है। ये, कण युग्म में रहते हैं और इन्हें 'क्यू बिद्स', कहते है।, , -एप्लीकेशन के आधार पर कम्प्यूटर तीन प्रकार के होते, है।, , 1. क्राश्वर३ ठ#फफहछड जो भौतिक मात्राओं को, नापने का कार्य करते है। एनालॉग कम्प्यूटर का, प्रयोग विज्ञान एवं |ग्राष्टा॥९शग18 के क्षैत्र में किया, जाता है। क्योकि इन क्षैत्रों में परिमाप का प्रयोग, अधिक होता है।, , 2; फांशान एणगाफण॑लप: यह कम्प्यूटर अंको की, गणना करते है। अधिकांशतः कम्प्यूटर डिजिटल, कम्प्यूटर डिलिटल कम्प्यूटर ही होते है।
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3. एक्ट एछिह वे कम्प्यूटर जो एनालॉन, एवं डिजिटल कम्प्यूटर दोनों का कार्य करते है।, उदाहरण एशाएं एप्राए यह एशा०! आदि को, नापता है और उसके मूल्य की गणना भी करता है।, , उद्देश्य के आधार पर कम्प्यूटर दो प्रकार के होते है।, 1. ढक एफ टकऋफ॒ाछल जिससे, , समान्य कार्य किये जाते है।इनका प्रयोग घरों एवं, दुकानों किया जाता है।, , 2. कब्लंशतक्त्हलकफसहेहुं पर कम्यूटर, विशेष कार्य के लिये तैयार किये जाते है। इनका, प्रयोग निम्न क्षेत्रों में किया जाता है। जैसे मौसम, विज्ञान, कृषि विज्ञन, युद्ध, एवं अंतरिक्ष आदि विज्ञान, में इसका प्रयोग होता है।, , आकार एवं कार्य करने के आधार पर कम्प्यूटर निम्नप्रकार, के होते है।, , 1. जाल#>टकफआहक यह कम्यूटर आकार में, , छोटे होते है। इन कम्प्यूटर का विकास 1970 के, दशक में हुआ था। इन कम्प्यूटर में माइको प्रोसेसर, का प्रयोग किया जाता था। इन कम्प्यूटर्स को ९८ भी, कहा जाता है।, [?(_ को निम्न भागों में बॉँटा गया है।, 3. ९5007 (!णाएएंश, ६७. 1.8900%9 (णाफुणंटा, ९. एक्ञागञातक्त (णाएएंश, 6. 1२०९७७00६ (णाफ़॒एांश, €. वक्काल (णाएएंश, , > एलन. 0०फुफा(०ग्एएणांशः वे कम्प्यूटर होते है। जिनको टेबिल, पर रखकर चलाया जाता है।, , 0९99607, , , , > एक... एगाफुफशए, (_०एफपएाशः वे होते है। जिनको गोदी में रखकर, , 1.०79०ए, , चलाया जाता है। यह साईज में बहुत छोटे होते है।, इन कम्प्यूटर्स को एक स्थान से दूसरे स्थान पर, आसानी से ले जा सकते है। इनमें पावर के लिये, बैटरी का प्रयोग होता है।, , , , > एम लततफकहहु- यह. कम्प्यूटर, 1.3179/77 (णाएफुप्यश' से छोटे होते है। जिनको, हथेली में रखकर चलाया जाता है। इनकी कार्य, करने की क्षमता लेपटॉप से थोडी कम होती है।