Notes of 9th Hindi, Hindi class 9 संवाद.pdf - Study Material
Page 2 :
् का ५३३०७" लेखन । 10, , » विषय-बस्तु, » संवादों कौ सरीकता |, , » भाषा, व्याख्यात्मक हल ;, अमित - गुरुजी प्रणाम!, , , , [0858 ब्लड 50००९ 2017], , , , हे रे, , आग मारा हा हर दम सब एक सा चर बे एज हु है?, , पाम.- मोह ५२००, ४४३३॥ और उसके दो मित्रों की हम शिकायत करना चाहते हैं।, , ।न््य छात्र - लेखन मजाक मिलकर आए दिन हमें परेशान करता है।, , अमित चे अपना गृहकाय से हैं और हम पर रैम जगत है, , अन्य छात्र -- राहुल की हिन्दी विषय का करते और बाद में जबरदस्ती हमारी कॉपी ले जाते हैं। मना करने पर घमकाते हैं।, (कॉपी उन्होंने गुम कर दी और आज उससे गणित विषय की कॉपी माँग रहे थे। मना करने पर, , उन्होंने राहुल के साथ मारपीट भी की।, ध्यापक >, अमिता सकी दाह के आचरण की शिकायत तुमने पहले क्यों नही की?, होना पड़ा। हा बहुत प्रयास किया, लेकिन उसकी शरारतों के लगातार बढ़ने पर हमें शिकायत के लिए विवश, , अध्यापक - खैर,, , मैं तुम्हारे कक्षाध्यापक से बात कर इस समस्या का शीघ्र ही 'कोई हल खोज लूँगा। अब तुम सब कक्षा में जाओ।, , प्रश्न 3. “विकास के मॉडल-हाइंवबे, मॉल, मल्टीप्लेक्स'' विषय पर शिक्षक और छात्र के बीच परस्पर संवाद को 50-60, शब्दों में लिखिए। गे, उत्तर शिक्षक है मोह डोज लक हे हे [एकऊ5छ 2016, 2015 पछाआ 1], मोहन - जी श्रीमान! किन्तु उसमें ऐसी क्या खबर थी?, शिक्षक - यानी तुमने ठीक से नहीं 'पढ़ा। उसमें आज हमारे शहर के विकास मॉडल को मंजूरी मिल गई है।, मोहन - जी श्रीमान! मैंने पढ़ा! ये तो बहुत प्रसन्नता का विषय है अब हमारा शहर भी विकास के पथ पर अग्रसर, होता हुआ दिखाई देगा। यहाँ भी चारों ओर हाइवे, मॉल और मल्टीप्लेक्स होंगे।, शिक्षक - ठीक कहा मोहन, बताओगे इससे हमारे शहर को क्या-क्या लाभ होंगे।, मोहन - शहर की सड़कों पर वाहनों का भार कम होगा, हमारी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी साथ ही शहरवासियों को, को के साधन व अपनी आवश्यकताओं की सभी वस्तुएँ एक ही छत के नीचे आसानी से उपलब्ध, गी।, शिक्षक - बिल्कुल ठीक मोहन, शाबाश।, 21 प्रश्न 4. बढ़ते जल प्रदूषण से परेशान दो नदियों के बीच होने वाले संवाद को 50-60 शब्दों में लिखिए।, [0858 2016, पषण 1], उत्तर- पहली नदी - क्या बात है बहन? आज बहुत दु:खी दिखाई दे रही हो।, दूसरी नदी - क्या बताऊँ? आजकल मेरा पानी पहले से भी अधिक प्रदूषित होता जा रहा है।, पहली नदी - सच कहा तुमने। लोग अपना कचरा नदियों में बहा देते हैं। अपने जानवरों को भी हमारे पानी में नहला, कर पानी प्रदूषित कर रहे हैं।, दूसरी नदी - इतना ही नहीं कारखानों से निकलने वाले रासायनिक पदार्थ व नालों, सीवर आदि का पानी भी सीधे, हमारे पानी में मिलाया जा रहा है।, पहली नदी - हम ही नहीं हमारे जल में रहने वाले जीव जन्तु, मछलियाँ आदि भी इस प्रदूषण से परेशान हैं।, दूसरी नदी - मनुष्य इतना स्वार्थी हो गया है कि अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए प्रकृति से खिलवाड़ कर रहा है।, पहली नदी - जल ही जीवन है। जब तक मनुष्य इस बात को नहीं समझेगा, इस जल प्रदूषण से मुक्ति सम्भव नहीं है।
Page 3 :
ज्क, , 120 ] ओमवाल सी.बी.एस.ई. प्रश्न बैंक, हिंदी 'ब' , प्रश्न 5, समाज में बढ़ते भ्रष्टाचार व उसके दुष्परिणामों पर अध्यापिका व छात्र के बीच होनेवाली, , लिखिए 1 से, माह महक जस्यों! आज के अखबार मेँ भ्रष्टाचार से सम्बन्धित खबर पढ़ी तुमने।, रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।, , , , , , , , , , , , , , , , , , , छात्र - जी! बीएसएनएल अधिकारी का है, , शिक्षिका - आज कोई भी विभाग इससे अछूता नहीं रह ग क्रष्याकार क, , छात्र॒ - जी। चाहे रेलवे हो या नगर निगम या विद्युत विभाग हर फट शयां नस, , शिक्षिका - भ्रष्टाचार का जाल इस तरह फैल गया है कि देश का विकास रुक गया है। + इस, रूप में दिखाई देते हैं ? बेइमानी, मिलावटखोरी था, , छात्र - भ्रष्टाचार के कारण कालाबाजारी, रिश्वतखोरी ५० ये 5 आदि सबक दे, , शिक्षिका - बिल्कुल ठीक, भ्रष्टाचार ही इन सब समस्याओं, प्रश्न 6, सिनेमा देखकर निकलते हुए पति का संवाद लगभग 50 शब्दों में लिखिए।, , 105 8५ ४ शा, की सका ्ल (0, क रन, . #भाषा शा माह |! ५) [58, व्याख्यात्मक हल :, पति - कैसी लगी फिल्म, अच्छी थी ना?, पत्ती - हाँ! ठीक ही थी।, पति - ऐसा क्यों कह रही हो ? क्या सिनेमा देखकर आनन्द नहीं आया ?, पतली - ज्यादा नहीं, क्योंकि इसमें मारधाड़ के दृश्य अधिक थे और गाने भी कोई खास नहीं थे।, पति - रे ! कितने अच्छे तो गाने थे और हीरो ने क्या स्टंट किए हैं, मुझे तो बहुत आनन्द आया और तुम, तुम्हें आनन्द ही नहीं आया।, , पतली - आपको ही मुबाकारक हो ऐसी मारधाड़ वाला सिनेमा। अगली बार मुझे पहले ही बता दीजियेः, , वाला सिनेमा देखने जा रहे हैं, तो साथ नहीं आऊँगी। !', प्रति - अओरे बिगड़ती क्यों हो ? अगली बार तुम्हारी पसन्द कौ फिल्म देख लेंगे, ठीक है। चज््गा, , प्रश्न 7, पृथ्वी सारे संसार का भार सहती है और आकाश जीवन देता है। दोनों में श्रेष्ठता निर्धारित करने, , दो विद्यार्थियों की चर्चा परस्पर को 50 शब्दों में लिखिए। [एफ५६ 2, उत्तर- नितिन - मित्र सुरेश! आज विज्ञान की कक्षा में अध्यापिका ने पृथ्वी और आकाश के विषय में कितनी, रोचक जानकारियाँ दीं। जप, , सुरेश - सत्य कह रहो हो मित्र ! आज हमें पृथ्वी और आकाश के विषय में कई नए तथ्य ज्ञात हुए।., नितिन - पृथ्वी कितनी श्रेष्ठ है, कितनी सहनशीलता है उसमें। सबका भार सहन करती है। ", सुरेश - और आकाश भी तो कितना श्रेष्ठ है। यह सभी को जीवन प्रदान करता है। यदि आकाश न हो तो पृ, संभव नहीं है। जा, नितिन - यदि पृथ्वी हमारा भार न सहती तो क्या होता! हमारे खाने के लिए अन्न व रहने के लिए., उपलब्ध हैं। ;, सुरेश - मित्र नितिन! धरती और आकाश की श्रेष्ठता पर बहस करते हुए जमाने गुजर जाएँगे पर ये सिद्ध, नितिन - सही कहा मित्र ये दोनों ही अपनी-अपनी जगह श्रेष्ठ हैं। /;, प्रश्न 8. मारपीट करने वाले एक छात्र और अनुशासन समिति के अध्यक्ष का संवाद लगभग 50 शब्दों में ।, , $, हर, , शक, उत्तर- (कक्षा में एक छत्र ने दूसरे छात्र की पिटाई कर दी है। इसकी लिखित शिकायत मिलने पर, के अध्यक्ष ने अपने कार्यालय बुलाया। उनके बीच की बातचीत इस प्रकार हुई होगी।)