Notes of Class 7c, Hindi अपूर्व अनुभव, प्रश्न 4 और 5 - Study Material
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डे, !, ।, 4, | द ।, , , , तोत्तो-चान ने जब अथक परिश्रम और साहस, , कर सकता है। तोत्त पा >, , के सतना न परहोस्चार बा अपने पेड। पर चद़ाकर उसका स्वागत किया तो उस, | संतुष्टि प्राप्त हुई।, , हार्दिक खुशी एवं संत 2 का ताप यासुकी-चान और, , खोजकर देखिए-कंब सूरत, तोत्तो-चान पर पड़ रहा था, वे दोनों पसीने से तरबतर हा रहे थे और कब बादल, , का एक दुकड़ा उन्हें छाया देकर वाद धप से बची लिया गा, अनुसार इस प्रकार परिस्थिति के बदलने का कारण कया हो स ?, , उत्तर-यासुकी-चान और तोत्तो-चान अथक प्रयास करते हुए पेड पर सीढ़ी के, सहारे चढ़ते-चढ़ाते हुए इतने व्यस्त थे कि उन्हे; समय या अपने सुख दुख का जरा, भी ध्यान नहीं था। यासुकी-चान के एक-एक कदम आग बढ़ने पर उन्हें अद्भुत सुख, प्राप्त होता था। सीढ़ी के ऊपरी हिस्से में पेड़ की डाल पर पहुँच पाना उनके लिए, अत्यंत कठिन था। किन्तु अपने असाधारण प्रयास से वे इसमें भी सफल हो गए।, उनकी परिस्थितियाँ बदलने का यही कारण हो सकता है।, , /_ प्रश्न 4. “यासुकी-चान के लिए पेड़ पर चढ़ने -का यह.........- अंतिम, मौका था।'-इस अधूरे वाक्य को पूरा कीजिए और लिखिकर बताइए कि, लेखिका ने ऐसा क्यों लिखा होगा?, , उत्तर-'' यासुकी-चान के लिए पेड पर चढ़ने का यह पहला और अंतिम मौका, था", लेखिका ने ऐसा इसलिए लिखा होगा क्योंकि पोलियोग्रस्त यासुकी-चान के, लिए पेड़ पर चढ़ना संभव न रह जाएगा। उसका शरीर बडा होगा और वज़न भी बढ़ता, जाएगा। यासुकी-चान के लिए जितना जोखिम लेकर तोत्तो-चान ने उसे पेड पर, , चढ़ाया था, अब वैसा जोखिम लेने को शायद कोई तैयार न हो। ५, , .- 5., , -- प्रश्न 3. पाठ में, , पुकारता ज, एक साइवि, लटकाया।, , उतरने लग, मे साइकिः, प्रकार पह, भाज तक, , भेनुभान