Notes of 7 C & D, Hindi संज्ञा के भेद। .pdf - Study Material
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5:26 ५ 11 | ॥2॥ (जा, , बा ० € ६-00“ व््ध्न्न्य, , पर्वतों के नाम- हिमालय, विन्ध्याचल, अलकनन््दा, कराकीरम।, , नगरों, चौकों और सड़कों के नाम- वाराणसी, गया, चाँदनी चौक,, हरिसन रोड, अशोक मार्ग।, , पुस्तकों तथा समाचारपत्रों के नाम- रामचरितमानस, ऋग्वेद,, धर्मयुग, इण्डियन नेशन, आर्यावर्त।, , ऐतिहासिक युद्धों और घटनाओं के नाम- पानीपत की पहली, लड़ाई, सिपाही-विद्रोह, अक्तूबर-क्रान्ति।, , दिनों, महीनों के नाम- मई, अक्तूबर, जुलाई, सोमवार, मंगलवार।, , त्योहारों, उत्सवों के नाम- होली, दीवाली, रक्षाबन्धन,, विजयादशमी।, , (2) जातिवाचक संज्ञा :- जिस शब्द से एक जाति के सभी प्राणियों, अथवा वस्तुओं का बोध हो, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।, , बच्चा, जानवर, नदी, अध्यापक, बाजार, गली, पहाड़, खिड़की,, स्कूटर आदि शब्द एक ही प्रकार प्राणी, वस्तु और स्थान का बोध करा, रहे हैं। इसलिए ये 'जातिवाचक संज्ञा' हैं।, , , , जैसे- लड़का, पशु-पक्षयों, वस्तु, नदी, मनुष्य, पहाड़ आदि।, , 'लड़का' से राजेश, सतीश, दिनेश आदि सभी 'लड़कों का बोध होता, है।, , 'पशु-पक्षयों' से गाय, घोड़ा, कुत्ता आदि सभी जाति का बोध होता है।, , , , 'वस्तु' से मकान कुर्सी, पुस्तक, कलम आदि का बोध होता है।, 'नदी' से गंगा यमुना, कावेरी आदि सभी नदियों का बोध होता है।, , + 5696 शांत 01560शश
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(3)भाववाचक संज्ञा :-थकान, मिठास, बुढ़ापा, गरीबी, आजादी,, हँसी, चढ़ाई, साहस, वीरता आदि शब्द-भाव, गुण, अवस्था तथा क्रिया, के व्यापार का बोध करा रहे हैं। इसलिए ये 'भाववाचक संज्ञाएँ' हैं।, , इस प्रकार, जिन शब्दों से किसी प्राणी या पदार्थ के गुण, भाव, स्वभाव या, अवस्था का बोध होता है, उन्हें भाववाचक संज्ञा कहते हैं।, , जैसे- उत्साह, ईमानदारी, बचपन, आदि । इन उदाहरणों में 'उत्साह', से मन का भाव है। 'ईमानदारी' से गुण का बोध होता है। 'बचपन', जीवन की एक अवस्था या दशा को बताता है। अतः उत्साह,, ईमानदारी, बचपन, आदि शब्द भाववाचक संज्ञाए हैं।, , , , , , हर पदार्थ का धर्म होता है। पानी में शीतलता, आग में गर्मी, मनुष्य में, देवत्व और पशुत्व इत्यादि का होना आवश्यक है। पदार्थ का गुण या, धर्म पदार्थ से अलग नहीं रह सकता। घोड़ा है, तो उसमे बल है, वेग है, और आकार भी है। व्यक्तिवाचक संज्ञा की तरह भाववाचक संज्ञा से, भी किसी एक ही भाव का बोध होता है। 'धर्म, गुण, अर्थ' और 'भाव', प्रायः पर्यायवाची शब्द हैं। इस संज्ञा का अनु भव हमारी इन्द्रियों को, होता है और प्रायः इसका बहुवचन नहीं होता।, , र्, , , , , , , , 5691186 शशं॥ एशा5601]श