Notes of IX A (2022-23), हिन्दी & हिन्दी IMG-20220201-WA0696.jpg - Study Material
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| दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर 80-100 शब्दों श, (क ) कंप्यूटर : विज्ञान का के, , हद १ ९ पूमिका * कम्प्यूटर कौ विशेषताएँ « कम्प्यूटर की आवश्यकताएँ, उत्तर - विज्ञान के अत्याधुनिक उपकरणों में कंप्यूटर का विशेष स्थान है। जा किक उपयोग « उपसंहार।, , (जो कठिन से कठिन गणनाएँ, गुणा, भाग, जोड्, घटाना आदि पलक झपकते ही करे अं 8 मे धानव-मस्तिष्क, , वि कंप्यूटर युग कहा जाए तो अतिशयोक्ति न होगी क्योंकि जीवन के प्रायः हर क्षेत्र में कंप्यूटर का सकल का, , क्या जा रहा हे। बैंकों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों के अलावा वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, इंजीनियरों रंबा और तर, , प्रयोग किया जाता है। बायुयान, जलयान आदि के संचालन, युद्धों के संचालन तथा रक्षा सामग्री के टेक मेँ भी कंप्यूटर नर, , को सहायता ली जाती है। आजकल तो कंप्यूटर पर इंटरनेट की सुविधाएँ उपलब्ध होने से कुछ ही क्षणों में कि्यजी, , कोई भी सूचना या समाचार उपलब्ध हो जाता है। अनेक विषयों की पढ़ाई में भी कंप्यूटर सहायक हों रहा है। भारत में, , कंप्यूटर ने सूचना क्रांति ला दी है। पुस्तकों की छपाई में भी कंप्यूटर क्रातिकारी साबित हुआ है। इस प्रकार कंप्यूटर ह, , अलादीन का चिराग बन गया है। कंप्यूटर के इतना सब कुछ कर सकने के बाद भी उसकी सीमाएँ हैं। यह मनुष्य की ।, , श्वौत सोच-विचार नहीं सकता। केवल मनुष्य के दूवारा दिए निदेशों का पालन करता है। वर्तमान में कंप्यूटर-साक्षर को, , हो साक्षर कहा जाने लगा है। इसी से स्पष्ट है कि कंप्यूटर की उपयोगिता कितनी अधिक है।, , पक्क अनुच्छेद लिखिए। . [६], , (ख ) बाल मज़दूरी - समाज का कलंक, , संकेत-बिंदु : * अभिभावकों की गरीबी और अशिक्षा * शिक्षा के साधनों का अभाव * मुफ़्त एवं अनिवार्य शिक्षा, का उपाय।, , उत्तर - 'बाल मज़दूरी' शब्द सुनते ही आँखों के सामने ढाबे पर बर्तन धोता या चाय की प्याली हाथ में थामे, गमछा, कंधे पर रखे एक आठ-दस साल के बालक का चेहरा आ जाता है। छोटे-बड़े सभी शहरों में ऐसे चेहरे बड़ी आसानी, से दिखाई देते हैं। बाल मज़दूरी का मुख्य कारण गरीबी और अशिक्षा है। गरीबी के कारण बच्चों का पेट भरने में असमर्थ, मै-बाप गाँव के हों या शहरों के, अपने दुधमुँहे बच्चों को काम पर लगा देते हैं उनके खेलने-खाने और पढ़ने-लिखने, के दिन दूसरों कौ धौंस और मार के हवाले हो जाते हैं। बेचारे 'बचपन' क्या है - समझने से पहले ही कोल्हू के बैल, को तरह दिन-रात काम करते रहते हैं। वास्तव में यह हमारे समाज का कलंक है। समाज और देश का कर्तव्य है कि, कि को सतत करे बच्चों के खाने और पढ़नें-लिखने की व्यवस्था करे। सौभाग्य से अभी हाल में ही 'शिक्षा का, अधिकार' संबंधी कानून पारित हुआ, जिसके तहत चौदह वर्ष से कम सभी बच्चों की मुफ़्त अनिवार्य शिक्षा की सिफ़ासिश, कई है। अब हम सभी लोगों का कर्तव्य है कि इन छोटे-छोटे बच्चों को काम पर न लगाकर इनके भविष्य सँवारने, , शी प्रयल करें।, , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , (ग) पहला सुख निरोगी काया, , हे ते बिंदु : « आधुनिक जीवन शैली * सुख और दुख का अनुभव * व्याप्त, , उत्तर - स्वस्थ शरीर सभी प्रकार के आनंदों और सुखों का आगाए है। स्वास्थ्य सुर सदैब अन्यान्य रोगों, अस्वस्थ मनुष्य, , वह वरदान है जिससे मनुष्य जीवन का वास्तविक आनंद ले सकता है। इसके कि 'सकता है। शरीर को स्वस्थ शो, , चोट में रहने के कारण न तो गहरी नींद सो सकता है, न खाने-पीने और जीने का आनंद रहता है,, आओ करते से शरीर प्र तेरा, दौड़ग,, , (नियत व्यायाम आवश्यक है। व्यायाम वह संजीवनी बूटी है, कि दंड-बैठक करना, कुश्ती वा चुनता चाहिए।, ज्पोगएम॑पा४१० 9. ध्यान में रखकर उचित ध -क्ठ, , को प्रवृत्ति एवं क्षमता बढ़ती है। व्यायाम अनेक प्रकार के है धद, मुण्दर घुमाना, खेलना-कूदना आदिं। मनुष्य को अपन शरी! औटका। "' न््ज, , और स्वास्थ्य * स्वस्थ शरीर, संपन्न जीवन का आधार है। सवाल