Notes of X A 2021-22, हिन्दी टोपी शुक्ला - Study Material
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टोपी शुक्ला, 1) इफ़्फ़न की दादी अपनी पीहर क्यों जाना चाहती थी?, उ- इफ़्फ़न की दादी एक ज़मीनदार परिवार से थी। उसका साल राल लखनऊ में था। उसके ससुर बहुत प्रसिद्ध मौलवी थे।, ससुराल में इफ़्फ़न की दादी को बंधन में रहना पड़ता था। वह मौलविन की पत्नी थी। माँ के घर में घी, दही, सब खाने को मिलता था। ससुराल में वह सदा बेचैन थी।, 2) 'अम्मी' शब्द पर टोपी के घरवालों की क्या प्रतिक्रिया हुई?(*), उ- टोपी ने इफ़्फ़न के घर में 'अम्मी' शब्द कहना सीखा। अम्मी शब्द उसको बहुत अच्छा लगा। एक दिन खाने की मेज़ पर, वह माँ को 'अम्मी' कहा तो सभी के हाथ रुक गए। रामदुलारी ने गुस्से में टोपी की खूब पिटाई की। टोपी से कहा गया कि, वह इफ़्फ़न के घर न जाए।, 3 दस अक्तूबर सन, पैंतालीस का दिन टोपी के जीवन में क्या महत्व रखता है? (*), उ-दस अक्तूबर सन, पैंतालीस का दिन टोपी के जीवन में यह महत्व रखता है कि इफ़्फ़न टोपी को छोड़कर दूसरे शहर चला, गया था। इफ़्फ़न के पिता कलेक्टर थे। उनका तबादला दूसरे 90०26 था। इसलिए इफ़्फ़न भी उनके साथ चला, गया था। उस दिन टोपी ने कसम खाई कि वह तबादला की नौकरी पिता) लड़के से दोस्ती नहीं करेगा।, 4 टोपी ने इफ़्फ़न से दादी बदलने की बात क्यों कही?, उ- टोपी ने इफ़्फ़न से दादी बदलने की बात इसलिए कही क्योंकि टोपी की दादी सदा उसे डाँटती थी। टोपी की दादी, अच्छी लगती थी। टोपी को इफ़्फ़न की दादी की भाषा भी अच्छी लगती थी।, 5 इफ़्फ़न की दादी की देहांत के बाद टोपी को उअसका घर खाली-सा क्यों लगा?(*), उ- इफ़्फ़न की दादी के देहांत के बाद टोपी को घर खाली-सा लगा क्योंकि टोपी और इफ़्फ़न की दादी एक दूसरे से, मिलकर अकेलेपन को मिटा लेतेए थे। लेकिन इफ़्फ़न की दादी के मरने के बाद वह बहुत अकेला महसूस करने लगा।, 6 टोपी और इफ़्फ़न की दादी अलग-अलग मजहब और जाति के थे पर एक अनजान और अटूट रिश्ते से बँधे थे। इस, कथन के आलोक में अपना विचार लिखिए। (*), उ-टोपी और इफ़्फ़न की दादी अलग-अलग मजहब और जाति के थे प्र एक अनजान और अटूट रिश्ते से बँधे कु थे।, टोपी हिंदु और इफ़्फ़न की दादी मुसलमानी थी, टोपी की वा की थी और दादी की आयु बहत्तर वर्ष की थी।, टोपी को अपने घर में प्यार बिलकुल नहीं मिलता था। घर के लोग उसे सदा डाँटते और मारते रहते थे । इफ़्फ़न की दादी भी, अपने धर रे शलग और अज़नबी थी। घर के सदस्य उसकी बोली का मज़ाक उड़ाते थे। इस प्रकार दोनों प्यार की चाहत में, भटकते रहते थे।, 7 टोपी नौवीं कक्षा में दो बार फ़ेल हो गया। बताइए एक ही कक्षा में दो-दो बार बैठने से टोपी को किन भावात्मक, चुनौतियों का सामना करना पड़ा? (*), एक ही कक्षा में दो बार फ़ेल होने से टोपी को कई भावात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ता था।, , « कक्षा के कई उसका दोस्त न बन सका।, , « मास्टर लोग बात-बात पर छात्रों को उसका उदाहरण देते थे।, , « कक्षा में दूसरे छात्र उसकी मज़ाक उड़ाते थे।, , * अध्यापकों ने टोपी पर ध्यान देना छोड़ दिया था।, 8 प्रेम न जाने जात-पात, प्रेम न जाने खिचड़ी-भात पंक्ति का अर्थ 'टोपी शुक्ला' कहानी के आधार, पर स्पष्ट कीजिए।(*), उ- संबंधों का आधार आत्मीयता, प्यार, अपनापन है न कि जात-पात। प्यार सामाजिक स्तर, रीति-रिवाज़, रहन-सहन और, जाबाहा का गुलाम नहीं। प्यार में रूखा-सूखा भी अमृत लगता है। टोपी और इफ़्फ़न की मित्रता की ओर संकेत किया, जाता है।, , 9 सांप्रदायिक सद्भाव हेतु टोपी और इफ़्फ़न 4जिसी दोस्ती वर्तमान समय में आवश्यक है। तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।, उ-कथन पूर्णतया सत्य है। स्नेह, प्यार, अपनापन किसी धर्म, जाति का गुलाम नहीं होता। आज टोपी इफ़्फ़न जैसी मित्रता, हो तो सांप्रदायिक तनाव,दबाव और झगड़े न हों। समाज व देश मजहब की दीवारों में न बँटे।