Notes of Class- 11th, Hindi जामुन का पेड़ 11.pptx - Study Material
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पाठ-प्रवेश
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प्रश्न 1. कृषि विभाग वालों ने मामले को हॉर्टीकल्चर विभाग को सौंपने के पीछे क्या तर्क दिया ?, कृषि -विभाग वालों ने जामुन के पेड़ को काटने का मामला हॉर्टिकल्चर विभाग को सौंपने के पीछे यह तर्क दिया कि गिरने वाला पेड़ फलदार है। इसका संबंध कृषि से न होकर उद्यान-कृषि से है।
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प्रश्न 2 : इस पाठ में सरकार के किन किन विभागों की चर्चा की गयी है। और पाठ से उनके कार्य के बारे में क्या अंदाजा मिलता है ?, उत्तर : इस पाठ में सरकार के निम्नलिखित विभागों और उनके कार्यों की चर्चा की गई है -, व्यापार विभाग -व्यापार विभाग का काम देश में होने वाले व्यापार से संबंधित है , एग्रिकल्चर डिपार्टमेंट- इसे कृषि विभाग कहते हैं इसका संबंध खेती से है, हॉर्टीकल्चर डिपार्टमेंट- इसे उद्यान कृषि विभाग कहते हैं इसका संबंध उद्यानों के रख -रखाव से है ।, मेडिकल डिपार्टमेंट- इसे चिकित्सा विभाग कहते हैं इसका संबंध शल्य चिकित्सा दवाई आदि से है ।, कल्चरल डिपार्टमेंट- इसे सांस्कृतिक विभाग कहते हैं इसका संबंध कला और साहित्य के विकास से है, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट- इसे वन विभाग कहते हैं इसका संबंध जंगल के पेड़ों तथा वनस्पतियों से है ।, विदेश विभाग- इसका संबंध विदेशी राज्यों और स्वदेशी के आपसी संबंधों से है ।
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(ख) इससे लोगों की कैसी मानसिकता का पता चलता है?, उत्तर: इससे पता चलता है कि लोग संवेदनाशून्य हो चुके हैं। उन्हें मरता हुआ आदमी भी द्रवित नहीं करता। वे इतने स्वार्थी हैं कि मरते हुए आदमी को अनदेखा करके वे अपना हित पूरा करना चाहते हैं। उन्हें जामुन न मिलने की पीड़ा व्यथित करती है। ऐसे लोग लाश पर बैठकर भी रोटियाँ खा सकते हैं।
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प्रश्र 4. दबा हुआ आदमी एक कवि है, यह बात कैसे पता चली और इस जानकारी का फाइल की यात्रा पर क्या असर पड़ा?, उत्तर- दबे हुए आदमी ने पेड़ काटने की कार्यवाही पर देरी होती देखी तो उसने आह भरते हुए गालिब का यह शेर कहा -, ये तो माना कि तगाफुल न करोगे लेकिन , खाक हो जाएँगे हम तुमको खबर होने तक !, इसे सुनते ही माली ने उससे पूछा कि क्या वह शायर है? उसने स्वीकृति में सिर हिलाया। इस प्रकार पहले माली को पता चला। उसने अन्य क्लकों को बताया। क्लकों ने हैडक्लर्क को बताया। इस प्रकार बात फैलते फैलते सबको पता चल गई। , इस जानकारी से कवि की फाइल का रुख पलट गया। पहले फाइल एग्रीकल्चर, व्यापार, हॉर्टीकल्चर आदि विभागों में धक्के खाती रही थी। अब यह कल्चरल विभाग में आ गई। परंतु काम फिर भी नहीं हुआ। केवल कागजी कार्यवाही होती रही।, उत्तर- दबे हुए आदमी ने पेड़ काटने की कार्यवाही पर देरी होती देखी तो उसने आह भरते हुए गालिब का यह शेर कहा -, ये तो माना कि तगाफुल न करोगे लेकिन , खाक हो जाएँगे हम तुमको खबर होने तक !, इसे सुनते ही माली ने उससे पूछा कि क्या वह शायर है? उसने स्वीकृति में सिर हिलाया। इस प्रकार पहले माली को पता चला। उसने अन्य क्लकों को बताया। क्लकों ने हैडक्लर्क को बताया। इस प्रकार बात फैलते फैलते सबको पता चल गयी। , इस जानकारी से कवि की फाइल का रुख पलट गया। पहले फाइल एग्रीकल्चर, व्यापार, हॉर्टीकल्चर आदि विभागों में धक्के खाती रही थी। अब यह कल्चरल विभाग में आ गयी। परंतु काम फिर भी नहीं हुआ। केवल कागजी कार्यवाही होती रही।
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पाठ के आस-पास
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प्रश्र 1. यह कहना कहाँ तक युक्तिसंगत है कि इस कहानी में हास्य के साथ-साथ करुणा की भी अंतर्धारा है। अपने उत्तर के पक्ष में तर्क दें।, उत्तर - यह कहानी हँसाते-हँसाते रुलाती है। कहानी के आदि से अंत तक करुणा की अंतर्धारा व्याप्त रहती है। कहानी का आरंभ भी करुणाजनक दृश्य से होता है और अंत भी। वास्तव में क्लकों, अधिकारियों और विभागों की एक-एक फूहड़ हरकत उस करुणा को और अधिक गहरा करती है। जब क्लर्क जामुन के रसीले फलों पर चटखारे ले रहे होते हैं, तब पेड़ के नीचे दबा मनुष्य कराह रहा होता है। मनचले नवयुवक पेड़ को बचाने के लिए आदमी को ही काट देने की सलाह देते हैं तो करुणा और हास्य अपने चरम पर होते हैं। इस प्रकार इस कहानी में करुणा और हास्य रस का अद्भुत सम्मिश्रण दिखाई देता है।
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प्रश्र 2. यदि आप माली की जगह पर होते, तो हुकूमत के फैसले का इंतजार करते या नहीं? अगर हाँ, तो क्यों? और नहीं, तो क्यों?, उत्तर- यदि मैं माली की जगह होता तो दबे हुए आदमी को बचाने के लिए तुरंत प्रयत्न करता। मैं हुकूमत के आदेश की प्रतीक्षा बिल्कुल न करता में अपने प्रयत्नों से क्लकों को तैयार करता या अन्य लोगों को प्रेरित करता और पेड़ को हटाकर दबे हुए आदमी को बचा लेता।, क्यों मेरी दृष्टि मैं मनुष्य जीवन सबसे मूल्यवान है। अपने अधिकारी के आदेश सामान्य स्थितियों के लिए ठीक हो सकते हैं परंतु किसी की जान बचाने के लिए मैं कोई भी खतरा मोल ले लेता।
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धन्यवाद !, राहुल द्विवेदी