Notes of Class-10, Maths & Vedic Maths अध्याय 3 मुद्रा व साख.pdf - Study Material
Page 1 :
अर्थशास्त्र कक्षा 10वीं, अध्याय - 3, मुद्रा व साख, , , , याद रखने योग्य बातें :, 1., डे., , 10., , वस्तुओं के बदले वस्तुओं का लेन-देन वस्तु विनिमय प्रणाली कहलाता है।, मुद्रा के आविष्कार से वस्तु विनिमय प्रणाली की सबसे बड़ी कठिनाई, “आवश्यकताओं का दोहरा संयोग” का समाधान संभव हुआ।, , जब एक व्यक्ति किसी चीज को बेचने की इच्छा रखता हो, वही वस्तु, दूसरा व्यक्ति भी खरीदने की इच्छा रखता हो अर्थात् मुद्रा का उपयोग, किये बिना, तो उसे आवश्यकताओं का दोहरा संयोग कहा जाता है।, कागजी मुद्रा, कागज के उपयोग से बने विभिन्न प्रकार के अंकित मूल्य, के नोटों से है।, , सोना, चाँदी, निकल, ताँबा आदि किसी भी धातु के उपयोग से बनी मुद्रा, को धात्विक मुद्रा कहते हैं।, , विनिमय प्रक्रिया में मध्यस्थता का कार्य करने के कारण, मुद्रा को विनिमय, का माध्यम कहा जाता है।, , मुद्रा विनियम के माध्यम के रूप में तभी मान्य होती है जब उस देश की, सरकार उसे इस कार्य के लिए प्राधिकृत करती है व कानूनी मान्यता प्रदान, करती है।, , भारत में रिर्जव बैंक ऑफ इंडिया केन्द्रीय सरकार की ओर से विभिन्न, मूल्यों के करेंसी नोट जारी करता है।, , उधार देने या निवेश करने के ध्येय से जनता से माँगने पर या चैक आदि, के माध्यम से राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय जमाएँ स्वीकार करने को बैंकिंग, कहते हैं।, , बैंक, सहकारी समितियाँ आदि ऋण के औपचारिक म्रोत हैं।, , , , , , 185
Page 2 :
11:, , 12:, , 13., , 9., 16., , ७ 6०0 13 ० (ए, , अनौपचारिक ऋण में साहूकार, दोस्त, रिश्तेदारों आदि से लिया गया ऋण, आता है।, , समर्थक ऋणाधार - ऐसी सम्पत्ति है, जिसका मालिक कर्जदार है और वह, इस सम्पत्ति का उपयोग उधारदाता को गारन्टी प्रदान करने के लिए करता, है।, , समर्थक ऋणाधार के उदाहरण - कृषि भूमि, इमारतें, गाड़ी, पशु, मकान,, जेवर, बैंको में जमा माँग आदि हितों की रक्षा के लिए, अपनी जरूरतों, को पूरा करने के लिए आत्मनिर्भर होते है।, , बांग्लादेश का ग्रामीण बैंक स्वयं सहायता समूह का एक सफल उदाहरण।, ग्रामीण बैंक के संस्थापक व 2006 में नोबल पुरूस्कार विजेता मोहम्मद, युनूस। उचित शर्तों के साथ ऋण उपलब्ध करवाया जाए तो, लाखों छोटे, लोग अपनी लाखों छोटी बड़ी गतिविधियों के जरिये विकास का बड़ा, चमत्कार कर सकते हैं।, , 1 अंक वाले संभावित प्रश्न, मुद्रा के आविष्कार से “वस्तु विनिमय प्रणाली" की किस कठिनाई का, समाधान हुआ ?, मुद्रा को विनिमय का माध्यम क्यों कहा जाता हैं ?, बैंक अपने पास कितना नकद कोष रखते हैं ?, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विनिमय के लिए कौन सी करेंसी का प्रयोग किया, जाता है?, विनिमय के रूप में कोई मुद्रा कब मान्य होती है ?, अनौपचारिक ऋण किन स्रोतों से प्राप्त कर सकते हैं ?, बांग्लादेश का ग्रामीण बैंक किसका उदाहरण है?, अनौपचारिक स्रोतों से प्राप्त ऋण अधिक महँगा क्यों होता है ?, आत्मनिर्भर समूहों में बचत व ऋण संबंधित निर्णय कौन लेता है ?, , , , , , 186
Page 3 :
10., , बे ७० >> -+, , एा, , 10., , 5 ७०७ (७ + (७० ०, , सिक्कों के प्रयोग से पहले, कौन सी वस्तु मुद्रा के रूप में प्रयोग की जाती, थी?, , 3/5 अंक वाले प्रश्न, रिर्जव बैंक ऑफ इंडिया, क्या-क्या कार्य करता है?, समर्थक ऋणाधार क्या है? उदाहरण सहित बताओ।, साख के औपचारिक व अनीौपचारिक क्षेत्र की विशेषताएँ बताइये।, क्या कारण है कि कुछ व्यक्तियों या समूहों को बैंक कर्ज देने को तैयार, नहीं होते ?, वस्तु विनिमय प्रणाली की कोई तीन सीमाएँ बताइये ?, क्या सलीम व स्वप्ना दोनों के लिए ऋण एक सी परिस्थिति उत्पन्न करता, है ? व्याख्या करें।, कर्ज-जाल कब उत्पन्न होता है? उदाहरण देकर बताइए।, ऋण की शर्तें किसे कहा जाता है ? यह किस प्रकार भिन्न हो सकती है ?, गरीबों के लिए स्वयं सहायता समूह संगठनों के पीछे मूल विचार क्या है ?, भारत में औपचारिक क्रण क्षेत्रक को विस्तृत करना क्यों आवश्यक है?, , उत्तर माला, , 1 अंक वाले प्रश्नों के उत्तर, “आवश्यकताओं के दोहरे संयोग” की।, क्योकि यह विनिमय प्रक्रिया में मध्यस्थता का कार्य करती है।, कुल राशि का 15 प्रतिशत।, डॉलर का, जब उस देश की सरकार उसे इस कार्य के लिए प्राधिकृत करती है।, महाजन, दोस्त, रिश्तेदारों आदि से।, स्वयं सहायता समूह का।, , , , , , 187
Page 4 :
10., , ऋण प्राप्तकर्ता की आय का अधिक हिस्सा ब्याज चुकाने में चला जाता, है?, , समूह के सदस्य।, , अनाज, , 3/5 अंक वाले प्रश्नों के उत्तर, -- सरकार की ओरे से मुद्रा जारी करता है।, -- बैंको व समितियों की कार्य प्रणाली पर नजर रखता है।, -- ब्याज की दरों व ऋण की शर्तों पर निगरानी रखता है।, -- बैंक कितना नकद शेष अपने पास रखे हुए हैं इसकी सूचना, रखता है।, -- ऋण किस प्रकार वितरित किये जा रहे हैं इस पर नजर रखता है।, , उधार दाता, उधार प्राप्तकर्ता से समर्थक ऋणाधार के रूप में ऐसी, परिसम्पतियों की माँग करता है जिन्हें बेचकर वह अपनी ऋण राशि की, वसूली कर सके। ये परिसम्पत्तियाँ ही समर्थक ऋणाधार कहलाती हैं।, उदाहरण :- कृषि भूमि, जेवर, मकान, पशुधन, बैंक जमा आदि।, , साख के औपचारिक क्षेत्र अनीपचारिक क्षेत्र, 1) बैंक, सहकारी समितियों महाजन, साहूकार, रिश्तेदार, 2) पूर्व निश्चित ब्याज दर अनिश्चित व अधिक ब्याज दर, 3) उधार लेने वाले का शोषण उधार लेने वाले का शोषण, नहीं होता है।, 4) ऋण वापसी के लिए अनावश्यक कर्ज-जाल में फंसने की, दबाब नहीं। संभावना।, , 1) ग्रामीण क्षेत्रों मैं बैंको की अनुपस्थिति।, , , , , , 188
Page 5 :
समर्थक ऋणाधार न होना।, जरूरी कागजात न होना।, ऋण की शर्ते पूरी न कर पाना।, , वस्तु विनिमय के लिए दोहरे संयोग की शर्त का पूरा होना, आवश्यक।, , धन या मूल्य के संचयन में कठिनाई।, , अविभाज्य वस्तुओं का विनिमय कठिन।, , वस्तुओं को भविष्य में प्रयोग के लिए संग्रहित करना (लम्बे समय, तक) कठिन।, , सेवाओं का मूल्य निर्धारण व विनिमय में कठिनाई।, , सलीम के लिए ऋण ने सकारात्मक भूमिका निभाई।, उसने लाभ भी कमाया व ऋण भी चुकाया।, , स्वप्ना के लिए ऋण की नकारात्मक भूमिका थी।, वह ऋण चुकाने व लाभ कमाने में असमर्थ थी।, वह ऋण-जाल में फंस गई, उसे जमीन बेचनी पड़ी।, , जब कर्जदार अपना पिछला ऋण चुकाने में असमर्थ होता है।, पुराने कर्ज को चुकाने के लिए नया कर्ज ले लेता है।, , उसे ऋण अदायगी के लिए अपनी परिसम्पत्ति बेचनी पड़ जाती, है।, , उसकी आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो जाती है।, , ब्याज दर, समर्थक ऋणाधार, आवश्यक कागजात और भुगतान के, तरीकों को सम्मिलित रूप से “ऋण की शर्ते कहा जाता है। ऋण की शर्ते, विभिन्न व्यक्तियों या समूहों के लिए अलग अलग हो सकती है।, , , , , , 189