Notes of BA 3 Tourism GE, Tourism impacts PXL_20211113_085240331.jpg - Study Material
Page 1 :
पर्यटन भूगोल, 14, पर्यटन भू, होती है, साथ ही नई सड़कों का निर्माण तथा चुगी कर व सीमा कर जो कि, है, में अवरोधक हैं, हटाने की जरूरत । वायु, रेल एवं समुद्री परिवहन व्यवस्था मे, सुवि, अनिवार्य, प, नियम होते, अपने गतव्य स्थान पर पहुंचने में दिक्कत होती है। यह साधन इधर-उधर यात्रा ক, में मददगार होता है। यात्रा परिवहन को विविध रूपों में विभक्त किया जा स, है। सार्वजनिक एवं निजी, अन्तर्देशीय व अन्तर्राष्ट्रीय तथा हवाई, जल एवं भूमिगत।, ग, एवं सुविधा, से भ्रमण क, आकर्षित ह, सर्वेक्षणों से, प, हुआ माध्यम है। यह चारों दिशाओं के परिवहन का बुनियादी साधन है।, जल-परिवहन : सीमित सामुदिक मार्ग व जल के मार्गों एवं समृद्ध द्वारा यात्रा, करने में जल परिवहन एक प्रमुख स्थान रखता है।, रेल-परिवहन : राष्ट्र के आंतरिक भागों में और दो देशों के मध्य की सीमित, मध्यम दूरी की यात्रा करने का यह श्रेष्ठ माध्यम है। लक्षित स्थल पर समय से पहुँचेन, और परिभ्रमण करने में रेलवे बहुत बड़ा सहायक है।, सड़क परिवहन : बसें, आलीशन मोटर गाडियां किसी भी निश्चित स्थान की, सीमित अथवा मध्यम दूरी एवं गन्तव्य स्थान में भ्रमण करने में प्रत्यक्ष एवं निरन्तर, रूप में उपयोग की जाती हैं। बहुत से स्थानों में यह रेल परिवहन सेवाओं के विकल्प, का काम करती हैं। निजी मोटर व्यवस्था के आरम्भ होने से सड़क परिवहन का महत्व, दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।, पर्यटन के आकर्षण : भारतीय पर्यटन प्रमुख रूप से सांस्कृतिक क्षेत्र तक ही, सीमित रहा है। पर्यटकों के स्वभाव में बदलाव के कारण आराम न मनोविनोद, सम्बन्धी क्रियाओं का पर्यटन के क्षेत्र में महत्व बढ़ता जा रहा है, अतः आधुनिक, पर्यटन की मांग को पूर्ण करने हेतु आवासकालीन पर्यटक स्थल, दर्शनीय सौन्दर्यता,, पर्वत एवं समुद्रतट विलासिता व मनोरंजन की बहुत जरूरत है, मनोविनोद : पर्यटन उद्योग के उद्योग के विभिन्न रूपों जैसे रेस्टोरेंट, नृत्य एवं, संगीत नाट्यशाला एवं खरीददारी आदि का विकास बहुत ही जरूरी है। स्मारकों एवं, संग्रहलयों, कला एवं हस्तकारिता, मेले एवं त्योहरों/पूर्व, प्रदर्शनियों आदि के अतिरिक्त, बहुत ही ख, व अवरोधक, पर ध्यान दे-, यात्रा, दूसरी ओर प, है। यात्रा-अं, एक वस्तु व, पर्यटक औ, पर्यटक, से बना है। म, वैश्विक शब्दव, French) # (, में, में प्रकाशित श, सैलानी, रुके और उसके, (क) व्य, हैं, विश्व पर्यटन, (ख) खा, व खेल।, सांध्यकालीन समय को खुशी से व्यतीत करने के मनोविनोद के साधन तो बहुत हैा।, च लीरा आफ, तात्पर्य ।, के, नाट्यशाला में लोगों का एक शानदार आराम वातावरण में मुलाकात एवं वाताला, करना है।, उपर्युक्त प, सकता है-